Monday, July 31, 2017

डाककर्मी के पुत्र मुंशी प्रेमचंद ने हिन्दी साहित्य में उपन्यास सम्राट के रूप में बनाई पहचान

प्रेमचंद के लगभग सभी पात्र कहानियों से निकल कर उपन्यासों से बाहर आकर एक अलग संसार रचते हैं और इन चरित्रों की छाप इतने गहरे उतरती है कि यह हमारे अवचेतन का हिस्सा हो जाते हैं। ‘पंच परमेश्वर’ के अलगू चैधरी और जुम्मन शेख न्याय की निष्पक्षता को एक रुहानी ऊँचाई देते हैं और हामिद के चिमटे में छिपी भावना पूरी ‘ईदगाह’ में बड़े मियाँ के सजदे में झुकने से भी बड़ी इबादत हो जाती है। उक्त उद्गार 31 जुलाई को प्रेमचंद की जयंती पर राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं और हिंदी साहित्यकार व् ब्लॉगर  कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये।
निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाककर्मी के पुत्र मुंशी प्रेमचंद ने हिन्दी साहित्य में उपन्यास सम्राट के रूप में अपनी पहचान बनाकर साहित्य की नई इबारत लिखी। जब प्रेमचंद के पिता अजायब राय श्रीवास्तव गोरखपुर में डाकमुंशी के पद पर कार्य कर रहे थे उसी समय गोरखपुर में रहते हुए ही उन्होंने अपनी पहली रचना लिखी। श्री यादव ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद को पढ़ते हुए हम  सब बड़े हो  गए। उनकी रचनाओं से बड़ी  आत्मीयता महसूस होती है। ऐसा लगता है जैसे इन रचनाओं के  पात्र हमारे आस-पास ही मौजूद हैं। 
 डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज भूमंडलीकरण के दौर में भी प्रेमचन्द के साहित्यिक और सामाजिक विमर्श उतने ही प्रासंगिक हैं। राष्ट्र आज भी उन्हीं समस्याओं से जूझ रहा है जिन्हें प्रेमचन्द ने काफी पहले रेखांकित कर दिया था। चाहे वह जातिवाद या सांप्रदायिकता का जहर हो, चाहे कर्ज की गिरफ्त में आकर आत्महत्या करता किसान हो, चाहे नारी की पीड़ा हो, चाहे शोषण और समाजिक भेद-भाव हो।  उनका साहित्य शाश्वत है और उनकी रचनाएँ यथार्थ के करीब रहकर  समय से होड़ लेती नजर आती हैं।
(आज भी प्रासंगिक हैं प्रेमचंद के विमर्श : कृष्ण कुमार यादव)


 (साहित्य से इतर भी प्रासंगिक हैं मुंशी प्रेमचंद के विचार : कृष्ण कुमार यादव)
(प्रेमचंद के सामाजिक व साहित्यिक विमर्श : कृष्ण कुमार यादव)

मुंशी प्रेमचंद की रचनाओं के पात्र हमारे आस-पास ही मौजूद हैं- डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 

मुंशी प्रेमचंद हिन्दी साहित्य में उपन्यास सम्राट के रूप में जाने गए : कृष्ण कुमार यादव 



मुंशी प्रेमचंद की रचनाओं  में आत्मीयता की झलक :  कृष्ण कुमार यादव 


       मुंशी प्रेमचंद की रचनाओं के पात्र हमारे आस-पास ही मौजूद हैं- डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 

Sunday, July 30, 2017

डाक विभाग द्वारा पोस्टमैन के 119 पदों के लिए जोधपुर में हुई परीक्षा, 332 परीक्षार्थी हुये शामिल

डाक विभाग द्वारा रिक्त पोस्टमैन पदों को भरने के लिए विभागीय परीक्षा का आयोजन 30 जुलाई, रविवार को जोधपुर  में किया गया। इसमें ग्रामीण डाक सेवक और एमटीएस संवर्ग के लोगों ने पोस्टमैन बनने के लिए परीक्षा दी।  राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने  परीक्षा केंद्र का दौरा कर जायजा लिया, ताकि परीक्षा सकुशल संपन्न हो सके। 
निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पोस्टमैन के सभी रिक्त पदों को भरा जाना विभाग की प्राथमिकता में शामिल है और इसी क्रम में जोधपुर रीजन के अधीन 2017-18 हेतु कुल 119 रिक्त पदों के लिए विभागीय परीक्षा हुई।  जोधपुर में  432 परीक्षार्थियों के सापेक्ष कुल 332  परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए अर्थात 77  प्रतिशत उपस्थिति रही। डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि  इस परीक्षा के बाद भी यदि पद रिक्त रह जाते हैं तो उनके लिए खुली प्रतियोगिता परीक्षा कराई जाएगी। 

मधुबन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जोधपुर में 10  बजे से 12  बजे तक हुई वस्तुनिष्ठ श्रेणी की इस परीक्षा में  25-25 अंक के चार खण्ड शामिल थे जिनमें  सामान्य ज्ञान, गणित, अंग्रेजी व हिन्दी भाषा से सम्बंधित  प्रश्न शामिल थे। निदेशक डाक सेवायें श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इस परीक्षा में मेरिट में स्थान पाने वाले परीक्षार्थियों का ही अंतिम आधार पर चयन किया जायेगा। 

इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक जोधपुर श्री बी. आर. सुथार,  सहायक निदेशक ईशराराम, सीनियर पोस्टमास्टर श्री एस.एल. मीणा, सहायक अधीक्षक  बी आर राठौड़, राजेन्द्र सिंह भाटी,  सुदर्शन सामरिया सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 






Wednesday, July 26, 2017

अब स्पीड पोस्ट बुकिंग की सुविधा शाखा डाकघरों में भी, डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर में किया शुभारम्भ

ग्रामीण लोगों को अब स्पीड पोस्ट की बुकिंग के लिए शहर के डाकघरों तक नहीं आना पड़ेगा, बल्कि वे अपने गाँव में स्थित शाखा डाकघर से ही स्पीड पोस्ट की बुकिंग करा सकेंगे। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने लूणी स्थित शिकारपुरा शाखा डाकघर में  जोधपुर के शाखा डाकघरों में स्पीड पोस्ट बुकिंग की सुविधा का शुभारम्भ 25 जुलाई, 2017 को किया। 
इस अवसर पर  आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि स्पीड पोस्ट डाक विभाग की सबसे पुरानी  प्रीमियम सेवा है, जिसे 1986 में आरम्भ किया गया था। अभी तक शाखा डाकघरों द्वारा स्पीड पोस्ट की डिलीवरी की जाती थी, पर बुकिंग के लिए सिर्फ विभागीय उपडाकघर और प्रधान डाकघर ही अधिकृत थे। अब स्पीड पोस्ट बुकिंग की सुविधा  गाँवों में स्थित शाखा डाकघरों में भी प्रदान की जाएगी। इससे जहाँ विभाग के राजस्व में वृद्धि होगी, वहीं लोगों के समय व धन की भी बचत होगी। 
डाक निदेशक श्री  यादव ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रुप में जोधपुर मंडल के 473 शाखा डाकघरों में से 112 शाखा डाकघरों को चुना गया है। इन शाखा डाकघरों से इच्छुक उपभोक्ता पूरे देश में डाक प्रेषण के लिए इस सुविधा का लाभ उठाते हुए शीघ्र वितरण की सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते है। 
निदेशक डाक सेवाएं श्री  कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के "डिजिटल इण्डिया" मिशन के तहत अब गाँव में स्थित शाखा डाकघरों को भी  हाईटेक किया जायेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में नवीन टेक्नोलोजी के माध्यम से आमजन की सुविधाओं में बढ़ोतरी करना है। इसके अंतर्गत  शाखा डाकघरों के पोस्टमास्टरों को “ग्रामीण सूचना एवं संचार टेक्नोलोजी” (रूरल आईसीटी) के तहत हैण्डहेल्ड डिवाइस प्रदान किये जायेंगे,  जिससे वे भी ऑनलाइन कार्य कर सकेंगे और लेखा कार्यालय पर उनकी निर्भरता समाप्त होगी। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को सभी योजनाओं के तहत लाना है।  देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना से भी अधिकाधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।  
श्री यादव ने डाकघर में खुले समस्त खातों को आधार और मोबाईल नंबर से जोड़ने पर भी जोर दिया, जिससे  भविष्य मे आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके। 

जोधपुर मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक श्री बी. आर. सुथार ने कहा कि डाक विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएँ देने के लिए सदैव तत्पर रहा है। सरपंच श्री ढला राम ने कहा कि स्पीड पोस्ट बुकिंग की सुविधा शाखा डाकघरों में होने से ग्रामीणों को काफी सुविधा होगी। 



इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा आयोजित की जा रही अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता "ढाई आखर" के तहत तमाम स्कूली बच्चों ने पत्र लिखकर भाग लिया।  
इस अवसर पर सहायक डाक  राजेंद्र सिंह भाटी, उपडाकपाल लूणी  प्रकाश चंद्र, शाखा डाकपाल  गिरिधर शेजू सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी गण, स्कूली बच्चे और गांववासी मौजूद रहे। आभार ज्ञापन सहायक डाक अधीक्षक  विनय खत्री  और संचालन ग्राम सेवक  विक्रम सिंह ने किया।

अब चिट्ठियों से जल्द मिलेंगे अपनों के  सन्देश, शाखा डाकघरों में आरम्भ हुई स्पीड पोस्ट बुकिंग सुविधा 



Speed Post booking facility introduced from Branch Post Offices in Rajasthan Western Region, Jodhpur. It was inaugurated by Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Jodhpur, Rajasthan at Shikarpura Branch Post Office, Luni, Jodhpur.

Tuesday, July 25, 2017

Shiva's blessings through Speed Post in Savan by India Post

This Savan, if you are unable to go for Bholenath's darshan then too there is no need to worry as you can easily get the prasad at your doorstep through postal services. Krishna Kumar Yadav, Director postal services, Rajasthan Western Region, Jodhpur  said, as per an agreement between the Kashi Vishwanath Mandir Trust of Varanasi and Department of Posts, prasad of Kashi Vishwanath Mandir will be made available at the home of devotees through Speed post.

Under this scheme devotees will have to send an e-money order of Rs 61/- to senior superintendent of post offices, Varanasi (East) and in return the devotee will get 'Bhabhuti' of the temple, 'Rudraksh' , a laminated photo of Lord Shiva and Shiva Chalisha as prasad from Kashi Vishwanath Mandir Trust, said Mr.  Yadav.

Director postal services, Krishna Kumar Yadav  further added that similarly prasad of renowned Shri Mahakaleshwar Jyotirling Mandir, Ujjain can also be ordered by speed post. A person is required to send an e-money order of Rs 251/- to Manager, Speed Post Centre, Ujjain and in return prasad including 200 gm of dry fruits, 200 gm sweets, Bhabhuti and a photo of Lord Shri Mahakaleshwar will be sent to the person through Speed Post. Mr. Yadav said the Prasad is delivered in waterproof envelopes to ensure safety and purity during the delivery.

Saturday, July 22, 2017

डाक विभाग की अनूठी पहल : ’सुंदर भारत’ थीम पर कीजिये फोटोग्राफी, चयनित होने पर 'स्वतंत्रता दिवस-2017' पर जारी होने वाले डाक टिकट पर पायेगा स्थान

यदि आप फोटोग्राफी का शौक रखते हैं तो आप द्वारा लिया गया फोटो भी डाक टिकट पर स्थान पा सकता  है।  भारतीय डाक विभाग ऐसे लोगों के लिए इस 'स्वतंत्रता दिवस' पर  एक सुनहरा मौका लेकर आया है, जहाँ डाक टिकट पर आप द्वारा क्लिक किया गया मौलिक फोटोग्राफ स्थान पा सकता है। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  स्वतंत्रता  दिवस-2017  के लिए डाक विभाग ने ’सुंदर भारत’ थीम पर फोटोग्राफी कम्पटीशन की घोषणा की है, जिसके तहत 18 वर्ष से ऊपर का कोई भी भारतीय नागरिक इस विषय पर डाक टिकट व अन्य फिलेटेलिक सामग्री हेतु अपना मौलिक फोटोग्राफ भेज सकता है। उक्त फोटो ऐसी होनी चाहिए कि जिसे भारत के स्वतंत्रता दिवस पर डाक टिकट जारी करने बाबत् चयन किया जा सके और ऐसा डाक-टिकट संग्रह करने लायक हो। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर क्रमशः 10,000, 6000 व 4000 रूपये का प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार भी दिया जायेगा।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रतिभागियों को भारत की सुंदरता दर्शाते, चित्रित करती हुई एक ऐसी मौलिक और वास्तविक तस्वीर लेकर भेजनी है, जो कि अन्य व्यक्ति द्वारा ली गई तस्वीर से भिन्न हों, यानि बिल्कुल नई हो। संबंधित प्रतिभागी स्पीड पोस्ट के माध्यम से 25 जुलाई, 2017  तक ए-4 साईज के  फोटो वाले कागज पर अपनी प्रविष्टि और उसकी सॉफ्ट कॉपी एक सीडी में डालकर सहायक महानिदेशक (फिलेटली), कक्ष संख्या 108 (बी), डाक भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट, नई दिल्ली-110001 पर भेज सकते हैं। मूल फोटो प्रिंट के पिछले हिस्से में प्रतिभागी का नाम, उम्र, लिंग,राष्ट्रीयता, पिनकोड सहित पूर्ण पता, फोन/मोबाईल नं. और  ई-मेल लिखा होना चाहिए। प्रतिभागियों को लिफाफे पर ‘‘फोटोग्राफ़ी प्रतियोगिता - स्वतंत्रता दिवस’’ का उल्लेख अवश्य करना होगा ।  प्रविष्टियां ईमेल के द्वारा philatelycompetition@gmail.com पर सीधे भी भेजी जा सकती हैं। 

(Photography Competition by India Post on "Beautiful India" theme for Commemorative stamps on the ocassion of Independence Day 2017)

Wednesday, July 19, 2017

डाक विभाग द्वारा अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता 'ढाई आखर' का आयोजन, 'प्रिय बापू, आप मुझे प्रेरित करते हैं' पर लिखना होगा पत्र

आपको याद है कि आपने अंतिम बार पत्र कब लिखा था। यदि नहीं, तो डाक विभाग आपके लिए एक सुनहरा मौका लेकर आया है। यदि आपका पत्र चुना गया तो पाँच हजार से पचास हजार रूपये तक का पुरस्कार भी मिलेगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  डाक विभाग की ओर से अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता  'ढाई आखर' का आयोजन किया जा रहा है।  इसमें "प्रिय बापू, आप मुझे प्रेरित करते हैं"  विषय पर 15 अगस्त, 2017 तक पत्र लिखना होगा।  पत्र  डाक विभाग द्वारा जारी अंतर्देशीय पत्र अथवा लिफाफे में ही स्वीकार्य होगा,  जिसमें क्रमशः 500 और 1,000 शब्दों में अंग्रेजी, हिन्दी अथवा स्थानीय भाषा में पत्र लिखा जा सकता है। 
डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि इस  पत्र लेखन प्रतियोगिता में किसी भी उम्र के लोग भाग ले  सकते हैं। पहला वर्ग 18 वर्ष तक तथा दूसरा 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग का होगा। शहरों में  पत्र को प्रधान डाकघर या अन्य वितरण डाकघरों में इसके लिए निर्दिष्ट लेटर बॉक्स में ही  डालना होगा, जबकि गाँवों में लोग इसे अपने शाखा डाकपाल के माध्यम से भेज  सकते हैं।  पत्र में अपना पूरा नाम, पता व जन्मतिथि के प्रमाण-पत्र  सहित चीफ पोस्टमास्टर जनरल, राजस्थान परिमंडल, जयपुर-302007  के पते पर 15 अगस्त, 2017 तक निर्धारित लेटर बॉक्स में  डाल दें। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर तीन-तीन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें परिमंडलीय (राज्य) स्तर पर चयनित श्रेष्ठ पत्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में क्रमश: पचीस हजार, दस हजार व  पांच हजार रूपए का पुरस्कार दिया जायेगा। अखिल भारतीय स्तर पर चयनित श्रेष्ठ पत्रों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में क्रमश: पचास हजार, पचीस हजार व दस हजार रूपए का पुरस्कार दिया जायेगा। चयनित पत्रों  के लेखकों को पुरस्कार के साथ टाइटल से भी सम्मानित किया जाएगा। चयनित पत्रों  को 2 अक्टूबर, 2017 को साबरमती आश्रम, गुजरात  में  आयोजित समारोह में  पुरस्कृत किया जाएगा  और एक विशेष  प्रदर्शनी में प्रदर्शित भी किया जायेगा।