Sunday, September 24, 2017

अब डाक टिकटों पर दिखेगा रामराज, डाक विभाग ने रामायण पर जारी किया 11 डाक टिकटों का सेट

रामायण को लोग अब डाक टिकटों पर भी देख सकेंगे।  भारतीय डाक विभाग ने रामायण के महत्वपूर्ण दृष्टांतों को दर्शाते 11 डाक टिकटों का सेट जारी किया है। 65 रूपये के इस खूबसूरत डाक टिकट सेट को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने तुलसी मानस मंदिर, वाराणसी में 22 सितंबर, 2017 को जारी किया।

राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  मिनिएचर शीट और शीतलेट्स के रूप में जारी इन डाक टिकटों में सीता स्वयंवर, राम वनवास, भरत मिलाप, केवट प्रसंग, जटायु संवाद, शबरी संवाद, अशोक वाटिका में हनुमान-सीता संवाद, राम सेतु निर्माण, संजीवनी ले जाते हनुमान, रावण वध व राम के राजगद्दी पर बैठने के आकर्षक दृश्य समाहित हैं। राजगद्दी वाला डाक टिकट 15 रूपये का तो अन्य सभी 10 टिकट 5 रूपये के हैं। 


 डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग लोगों को अपनी विरासत और संस्कृति से जोड़ने के लिए तमाम डाक टिकटें जारी करता है।  इसी क्रम में अब रामायण को भी डाक टिकटों पर समाहित किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी डाक टिकटों के माध्यम से अपनी संस्कृति से अवगत हो सके। ये डाक टिकट पत्रों पर लगकर विदेशों में भी जायेंगे, जहाँ रामायण की गाथा को लोगों तक फैलाएँगे।   
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि राजस्थान के सभी फिलेटलिक ब्यूरो से इन डाक टिकटों की बिक्री आरम्भ हो गई है और लोगों में इसके प्रति काफी क्रेज है।  ये डाक टिकट बिक्री के लिए शीघ्र ही सभी प्रधान डाकघरों में उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसके लिए डाक विभाग ने पूरे देश में 3 लाख मिनिएचर शीट और 7 लाख शीतलेट्स जारी किये हैं। वेट ऑफसेट प्रक्रिया द्वारा इन डाक टिकटों को प्रतिभूति मुद्रणालय, हैदराबाद में मुद्रित किया गया है।
गौरतलब है कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मंदिर, वाराणसी के परिसर में डाक विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में दिनांक 22 सितंबर, 2017 को "रामायण "के महत्वपूर्ण कथानकों पर स्मारक डाक टिकटों का अनावरण किया गया । मंच पर  प्रधानमंत्री के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाइक, उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेशाध्यक्ष भाजपा श्री महेंद्र नाथ पांडेय, सांसद चंदौली एवं  श्री ए एन नंदा, सचिव डाक विभाग, भारत सरकार, मानस मंदिर के ट्रस्टी श्री सुरेखा जी और प्रबंधक श्री बटुक प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति ने डाक विभाग के इस कार्यक्रम को गौरवान्वित किया ।


अब डाक टिकटों पर नजर आएगी रामायण, डाक विभाग ने जारी किया 11 डाक टिकटों का सेट  
डाक टिकटों पर दिखेगी रामायण 

अब डाक टिकटों पर दिखेगी रामायण 
रामायण वाले डाक टिकट सेट के लिए जोधपुर में भी दिखा क्रेज, प्रधान डाकघर से आरम्भ हुई बिक्री

Saturday, September 23, 2017

Prime Minister Narendra Modi releases Postage Stamp On Lord Ram & Ramayana

Prime Minister Narendra Modi released a postage stamp on different aspects of Lord Ram's life at the historic Tulsi Manas Mandir Varanasi on 22nd September, 2017. On this occasion he said that Lord Rama was a source of inspiration for every individual. "There have been many stamps on Lord Ram, but this is the first of its kind stamp, which depicts different aspects of his life. This has not been done in the past. I am happy that I have got the opportunity to do this from the holy soil of Manas," he said.
The Tulsi Manas temple has great historical and cultural importance in Hinduism as it was here that Hindu epic Ramcharitmanas was said to have been originally written by poet-saint Goswami Tulsidas. "The life of Lord Ram is a source of inspiration for every individual. If we look at the life of Mahatma Gandhi, we see Lord Ram became a mantra for him since his childhood. Every aspect of the life of a great man (mahapurush) and chetnapurush (man who awakens consciousness) like him (Lord Ram) motivates us."

The Prime Minister said he could have released the stamp either at New Delhi's Vigyan Bhawan or his own residence, but then a thought came to his mind that it is the auspicious period of Navaratra, and in the life of Lord Ram, Navratra and Vijayadashami hold special significance.

"A place where memories of Tulsidas are still alive. There cannot be a better place than this Manas Mandir for releasing the postge stamp," he said.

He said postage stamps the world over contained history. A collection of such stamps would show what transformations a country went through, he said. The prime minister later visited the Durga Mata Mandir.


Sunday, September 17, 2017

डिजिटल क्रान्ति के युग में हिन्दी में विश्व भाषा बनने की क्षमता -डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है, यह हर हिंदुस्तानी का हृदय है। हिन्दी को राष्ट्रभाषा  किसी सत्ता ने  नहीं बनाया, बल्कि भारतीय भाषाओं और बोलियों के बीच संपर्क भाषा के रूप में जनता ने इसे चुना। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं एवं चर्चित ब्लॉगर व साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव ने जोधपुर एयरपोर्ट के तत्वाधान में आयोजित हिंदी पखवाड़ा समारोह का बतौर मुख्य अतिथि शुभारम्भ करते हुए व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता जोधपुर एयरपोर्ट के निदेशक श्री जी. के. खरे ने की। 
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिन्दी में विश्व भाषा बनने की क्षमता है। जैसे-जैसे विश्व में भारत के प्रति दिलचस्पी बढ़ रही है, वैसे-वैसे हिन्दी के प्रति भी रुझान बढ़ रहा है। आज परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में हिन्दी के महत्व को नये सिरे से रेखांकित किया जा रहा है। श्री यादव ने कहा कि हिन्दी आज सिर्फ साहित्य और बोलचाल की ही भाषा नहीं, बल्कि विज्ञान-प्रौद्योगिकी से लेकर संचार-क्रांति और सूचना-प्रौद्योगिकी से लेकर व्यापार की भाषा भी बनने की ओर अग्रसर है। डिजिटल क्रान्ति के इस युग में वेबसाइट्स, ब्लॉग और फेसबुक व टविटर जैसे  सोशल मीडिया ने तो हिन्दी का दायरा और भी बढ़ा दिया है। 
कार्यक्रम की  अध्यक्षता करते हुए जोधपुर एयरपोर्ट के निदेशक श्री जी. के. खरे ने कहा कि संविधान में वर्णित सभी प्रांतीय भाषाओं का पूर्ण आदर करते हुए इस विशाल बहुभाषी राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने में भी हिन्दी की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में हिन्दी भाषा के प्रयोग पर हमें गर्व महसूस करना चाहिए। 


राजभाषा वरिष्ठ सहायक रवि प्रकाश टाक ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन द्वारा जोधपुर हवाई अड्डा कार्यालय में चल रही हिंदी गतिविधियों की जानकारी दी। 

कार्यक्रम का आरम्भ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती पर पुष्पहार अर्पित कर हुआ। कार्यक्रम के अंत में  मुख्य अतिथि डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव  को जोधपुर एयरपोर्ट  निदेशक श्री जी. के. खरे ने स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया।


Saturday, September 16, 2017

फिलेटलिक सेमिनार : सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत के संवाहक हैं डाक टिकट - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

फिलेटली सिर्फ डाक टिकटों का संग्रह ही नहीं, बल्कि इसका अध्ययन भी है।  हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छुपी हुई है और इस कहानी से आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत है। डाक टिकट वास्तव में एक नन्हा राजदूत है, जो विभिन्न देशों का भ्रमण करता है एवम् उन्हें अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से अवगत कराता है। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने भारतीय डाक विभाग द्वारा  आयोजित फिलेटलिक सेमिनार का उद्घाटन करते हुए 13 अक्टूबर 2017  को मधुबन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जोधपुर  में बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्बोधन में व्यक्त किये।  

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि फिलेटली का शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम योगदान है। हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छुपी हुई है और इस कहानी से आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत है। डाक टिकटों  के साथ जारी विवरणिका जहाँ सम्बन्धित विषयवस्तु के बारे में विस्तृत जानकारी देती है, वहीं हर डाक टिकट एक अहम एवं समकालीन विषय को उठाकर वर्तमान परिवेश से इसे जोड़ता है।
 श्री यादव ने कहा कि डाक टिकटों से देश-विदेश की धरोहर, प्रगति और समसामयिक घटनाओं का सचित्र दिग्दर्शन होता है। इससे युवाओं  और बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ एक अच्छी हॉबी अपनाने की प्रेरणा भी मिलेगी। डाक टिकटों के संग्रहण की आदत शैक्षणिक उन्नयन के साथ -साथ कम खर्च में भी आने वाले समय में एक अच्छी आय का जरिया भी बन सकती है।


जोधपुर मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक बी.आर. सुथार  ने कहा कि फिलेटली के क्षेत्र में तमाम नए कदम उठाये जा रहे हैं। अब लोग अपनी तस्वीर वाली डाक टिकट भी बनवा सकते हैं। डाकघरों में मात्र 200 रूपये में फिलेटलिक डिपाजिट एकाउंट खोलकर घर बैठे नई डाक टिकटें व अन्य सामग्री प्राप्त की जा सकती हैं।  

कार्यक्रम में सीनियर फिलेटलिस्ट श्री आर. के. भूतड़ा ने डाक टिकट संग्रहण के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि दुर्लभ टिकटों का संग्रहण बेशकीमती होता है। मधुबन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जोधपुर की प्रधानाचार्या डॉ. संतोष सोनी ने  कहा कि फिलेटली युवाओं में रचनात्मक अभिरुचि विकसित करने का आसान माध्यम है। मधुबन शिक्षण संस्थान के सचिव श्री राजेंद्र प्रसाद दाधीच ने कहा कि ऐसे सेमिनार निरंतर होते  रहने  चाहिये, ताकि अधिक से अधिक लोग फिलेटली के प्रति आकर्षित हो सकें।
इस अवसर पर डाक निरीक्षक पारसमल सुथार ने विद्यार्थियों पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से  फिलेटली के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। 

स्कूली बच्चों के लिए फिलेटलिक क्विज का आयोजन भी किया गया और विजेताओं को डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने पुरस्कृत किया। क्विज प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों का उत्साह देखते बनता था।
कार्यक्र्म के आरंभ में डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर  विद्या की देवी सरस्वती माँ को पुष्पहार अर्पित किए ।
सीनियर पोस्टमास्टर शंकर लाल मीणा ने बताया कि इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा स्टॉल भी लगाया गया, जहाँ 348  लोगों ने "माई स्टैम्प" बनवाई और 574  फिलेटलिक डिपाजिट एकाउंट खोले गए। 
इस अवसर पर डाक उपाधीक्षक आर. पी. कुशवाहा, सीनियर पोस्टमास्टर शंकर लाल मीणा, सहायक डाक अधीक्षक विनय खत्री, उदय शेजू, पाल सिंह सिद्धू, डाक निरीक्षक पारसमल सुथार, संदीप मोदी,  ओपी चन्दोरा, सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी-कर्मचारी, फिलेटिलिस्ट एवं विभिन्न स्कूलों से आये बच्चे व उनके अभिभावक व अध्यापक  उपस्थित रहे।