Monday, November 20, 2017

India Post ventures into banking sector : India Post Payments Bank

After introduction of online savings and insurance services, the postal department is going to venture into the banking sector under the name, India Post Payments Bank. Following RBI approval, the branches have already started functioning in Raipur and Ranchi. More branches will come up in other parts of the country soon. In total, 650 branches of payments bank will be set up.

Krishna Kumar  Yadav, director, Postal Services-Western Rajasthan Zone, said that India Post Payments Bank is a service which will focus on banking facilities in small towns, villages and remote areas, which are deprived of banking facilities.
"It will have one branch office in every district headquarters, which will function through post offices. Rajasthan will have 33 such branches in every district headquarters," Yadav said, adding that the construction of Jodhpur branch at the main post office has already begun.

Describing the process of the bank, Director KK Yadav said that these banks will be able to take deposits only upto Rs 1 lakh and will also be able to issue ATM/debit cards to customers. Moreover, the banks will provide net banking facility for payments and transfer of money.

"But, these banks will not be able to provide any loan facility or issue credit cards," Yadav said, terming it to be a major step towards financial inclusiveness of rural areas.

Friday, November 17, 2017

डाक विभाग की पहल : 'बेटी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत सीकर के 15 गाँव बने सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम, रेटा गाँव बना 15 वाँ ग्राम

आज का दौर बेटियों का है । बेटियाँ समाज में नित नये मुकाम हासिल कर रही हैं । बेटियाँ पढेंगी तो बेटियां बढ़ेंगी, पर इसके लिए जरुरी है कि उनकी उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किये जाएँ । 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के तहत  डाकघरों में आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों का भविष्य संवरेगा।

उक्त उदगार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में सीकर जिले के रेटा गाँव को “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” घोषित करने के अवसर पर 4  नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये । इसके अलावा सिहोट बड़ी, गोवटी, पृथ्वीपुरा एवं डाँसरोली गाँव को भी “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम” घोषित किया गया । श्री यादव ने कहा कि सभी योग्य 125 बालिकाओं के सुकन्या खाते खोलकर सीकर  के पन्द्रहवाँ एवं राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के 116 वें  “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” के रूप में रेटा गाँव, अन्य गाँवों के लिए एक नजीर बनेगा।


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने  कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का एक माध्यम ही नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुड़ा हुआ है । इस योज़ना के आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक आयाम भी महत्वपूर्ण हैं । इसमे जमा धनराशि पूर्णतया बेटियों के लिए ही होगी, जो उनकी शिक्षा, कैरियर  एवं विवाह में उपयोगी होगी ।
डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य समावेशी विकास के तहत शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचल स्थित लोगों को भी सभी योजनाओं के तहत लाना है ।  ग्रामीण सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रोजेक्ट के तहत सीकर के ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी शीघ्र हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर  हैण्डहेल्ड डिवाइस  दिया जायेगा । इसके तहत  शाखा डाकघरों को ऑनलाइन और डिजिटल बनाने के लिए सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे और घर बैठे ही वे अपना भुगतान प्राप्त कर सकें । 

इस अवसर पर सीकर  मण्डल के अधीक्षक डाकघर बी. आर. भिराणिया ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना में अब तक सीकर में कुल 21,000 से अधिक बालिकाओं के खाते खोले जा चुके हैं एवं इस वित्तीय वर्ष में ज्यादा से ज्यादा बालिकाओं  को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ा जायेगा । रेटा गाँव की  सरपंच श्रीमती दीपा गहलोत ने कहा कि बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया यह प्रयास एक मील का पत्थर साबित होगा । ग्रामवासियों के लिए यह अत्यन्त गर्व की बात है कि  “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम” बनकर रेटा गाँव  “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मूर्त रूप दे रहा है। इस अवसर पर डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बालिकाओं को पासबुकें व उपहार देकर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की ।


इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य ममता सिंह, प्रधानाचार्य उमाशंकर चेजारा, सहायक डाक अधीक्षक मोहन लाल बिजारणिया, राजेंद्र सिंह भाटी, डाक निरीक्षक संदीप पुनिया, विकास सैनी, प्रहलाद राय मील, राजेन्द्र सैनी, विनोद कुमार, पोस्टमास्टर सीकर सी. आर. चौधरी, जनसंपर्क निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह, शाखा डाकपाल श्री सीता राम सैनी, सुरेन्द्र शर्मा,  सहित तमाम  अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्रामवासी उपस्थित रहे ।




सुकन्या समृद्धि योजना से सँवरेगा बेटियों का भविष्य-डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 

Thursday, November 16, 2017

India Post Payments Bank branches in Post Offices soon

डाक विभाग अपनी बचत बैंक और बीमा सेवाओं को ऑनलाइन करने के बाद अब बैंकिंग क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ़ इण्डिया द्वारा इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के अनुमोदन के बाद देश में रायपुर और राँची में इसकी शाखाएं आरम्भ हो गई हैं। जोधपुर में भी इसकी शाखा खुलेगी, जिसके लिए प्रधान डाकघर में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। 

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि  इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स  बैंक  गाँवों, कस्बों और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं से वंचित तथा कम बैंकिंग वाले इलाकों में भुगतान बैंक के जरिए लोगों में अपनी पैठ बनाएगा। हर जिला मुख्यालय पर इसका एक शाखा कार्यालय खोला जायेगा और ये डाकघरों के माध्यम से ही कार्य करेंगे। पेमेंट्स बैंक से डाक विभाग देश भर के सुदूर ग्रामीण हिस्सों तक अपने 1.55  लाख डाकघरों के जरिये पहुंच बनाएगा। श्री यादव ने बताया कि पूरे भारत में इसकी 650 शाखाएँ खुलेंगी, जिनमें राजस्थान में जिला मुख्यालयों पर 33 शाखाएँ होंगी।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इसकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि  पेमेंट्स बैंक ग्राहकों से जमा ले सकते हैं किंतु लोन नहीं दे सकते। ये बैंक अपने ग्राहक से एक लाख रुपये तक की राशि जमा कर सकते हैं। ये एटीएम/डेबिट कार्ड जारी करेंगे, लेकिन क्रेडिट कार्ड नहीं। ये अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग के द्वारा भुगतान और धन भेजने की सेवाएं मुहैया कराएँगे।  डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से मूल बैंकिंग, भुगतान और प्रेषण सेवाएं प्रदान करने के द्वारा वित्तीय समावेशन और बीमा, म्युचुअल फंड, पेंशन और ग्रामीण क्षेत्रों एवं बैंक रहित और बैंक के अंतर्गत कार्य करने वाले क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए तीसरे पक्ष के वित्तीय प्रदाताओं के साथ समन्वय के माध्यम से ऋण तक पहुंच जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।



Tuesday, November 14, 2017

डाक निदेशक केके यादव की पुत्री अक्षिता को सबसे कम उम्र में ”राष्ट्रीय बाल पुरस्कार” पाने का गौरव

बाल दिवस की बात हो तो उन बाल प्रतिभाओं का जिक्र  भी जरूरी हो जाता है, जिन्होंने कम उम्र में ही सफलता के नये कीर्तिमान रचे। भारत सरकार द्वारा हर साल 14 नवम्बर को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किये जाते हैं। चार वर्ष से पन्द्रह वर्ष की आयु-वर्ग के बच्चे इस पुरस्कार को प्राप्त करने के पात्र हैं। पर इसे सबसे कम उम्र में प्राप्त करने का गौरव जोधपुर में रह रही अक्षिता (पाखी) को प्राप्त है। वर्ष 2011 में मात्र 4 साल 8 माह की आयु में ही अक्षिता को  'कला’ और ’ब्लॉगिंग’ के लिए भारत सरकार  द्वारा बाल दिवस पर  ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से  विज्ञान भवन  में नवाजा गया। अक्षिता ने इसे जहाँ सबसे कम उम्र में पाने का कीर्तिमान बनाया, वहीं ब्लॉगिंग के लिए भी भारत सरकार द्वारा राजकीय स्तर पर प्रथम सम्मान-पुरस्कार पाने का गौरव प्राप्त किया। यही नहीं, इससे पूर्व अक्षिता को नई दिल्ली में अप्रैल, 2011 में हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक” द्वारा ‘श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर‘ के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।


 हैपी आवर्स  स्कूल, जोधपुर  में कक्षा 5  की छात्रा अक्षिता बड़ी होकर आई.ए.एस ऑफिसर बनने की तमन्ना रखती है।  उसके  पिता श्री कृष्ण कुमार यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं पद पर पदस्थ हैं व मम्मी श्रीमती आकांक्षा एक कालेज में प्रवक्ता रही हैं। दोनों ही जन चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लॉगरभी हैं।

 अक्षिता के पिता श्री कृष्ण कुमार यादव बताते हैं कि, अक्षिता को शुरू से ही ड्राइंग बनाना बहुत अच्छा लगता है। उसके बनाए चित्रों को सहेजने और अक्षिता की गतिविधियों को ब्लॉग के माध्यम से  लोगों के सामने प्रस्तुत करने के  विचारस्वरुप  24 जून 2009 को  “पाखी की दुनिया” (http://pakhi-akshita.blogspot.in/ ) नाम से अक्षिता का ब्लॉग अस्तित्व में आया। देखते ही देखते करीब एक लाख से अधिक हिन्दी ब्लॉगों में इस ब्लॉग की रेटिंग बढ़ती गई और आज इस ब्लॉग पर 460  से भी ज्यादा पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं और 260  से ज्यादा लोग इसका अनुसरण करते हैं। इस ब्लॉग पर अकल्पनीय प्रतिक्रियाएं  प्राप्त हुईं और 100 से ज्यादा देशों में इसे देखा-पढ़ा जाता है। अक्षिता और उसका ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया‘ फेसबुक (https://www.facebook.com/AkshitaaSingh/ ) पर भी उपलब्ध है, जहाँ 1883  लोग इसे पसंद करते हैं।

अक्षिता को देश-दुनिया में तमाम सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, श्री लंका (25 मई 2015) में उसे ”परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान” से सम्मानित किया जा चुका है। विभिन्न मंचों पर महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती कृष्णा तीरथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक”, केंद्रीय हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष डा. अशोक चक्रधर, फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी, सांसद डिम्पल यादव और दबंग फेम म्यूजिक-कम्पोजर वाजिद खान भी इस नन्ही ब्लॉगर को सम्मानित कर चुके हैं।  

 21वीं सदी टेक्नालाजी की है। आज बच्चा कलम बाद में पकड़ता है, मोबाइल, टेलीवीजिन कम्प्यूटर व लैपटॉप पर हाथ पहले से ही फिराने लगता है। ऐसे में नन्ही प्रतिभा अक्षिता (पाखी) को देखकर यही कहा जा सकता है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं, बशर्तें उसे अनुकूल वातावरण व परिवेश मिले। अक्षिता (पाखी) को श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर और सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलना यह दर्शाता है कि बच्चों में आरंभ से ही सृजनात्मक-शक्ति निहित होती है। उसे इग्नोर करना या बड़ों से तुलना करने की बजाय यदि उसे बाल-मन के धरातल पर देखा जाय तो उसे पल्लवित-पुष्पित किया जा सकता है।







डाक विभाग ने जारी किया 'विज्ञान परिषद् प्रयाग' की जोधपुर शाखा के रजत जयन्ती वर्ष पर विशेष आवरण

'विश्व विज्ञान दिवस' पर डाक विभाग द्वारा 'विज्ञान परिषद् प्रयाग' की जोधपुर शाखा के रजत जयन्ती वर्ष (1993-2017) पर एक विशेष आवरण (लिफाफा) एवं विरूपण जारी किया गया। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के पोस्टमास्टर जनरल श्री वीसी राय और निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने 10 नवंबर को इसे एक कार्यक्रम में जारी किया। इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा 'सतर्कता जागरूकता सप्ताह' के अन्तर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
 इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पोस्टमास्टर जनरल श्री वी. सी. राय ने कहा कि भारत जैसे देश में हिन्दी भाषा में विज्ञान का प्रचार-प्रचार बहुत आवश्यक है, जिसमें विज्ञान परिषद् प्रयाग और इसकी जोधपुर शाखा ने उत्कृष्ट कार्य किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित व प्रेरित करना तथा जनसाधारण को विज्ञान एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति सजग बनाने में 'विश्व विज्ञान दिवस' की अहम भूमिका है। आज समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ाने की जरुरत है।
निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि विज्ञान को सहज बनाने और आम जन से जोड़ने में  विज्ञान परिषद् प्रयाग का योगदान सदैव सराहनीय रहा है।

विज्ञान परिषद् की जोधपुर शाखा के सभापति  इंजी. के.एम.एल. माथुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए परिषद् के कार्यों पर प्रकाश डाला। परिषद् की जोधपुर शिक्षा के प्रधानमंत्री एवं विज्ञान संचारक डॉ. डी.डी. ओझा ने बताया कि विज्ञान परिषद् प्रयाग की स्थापना 103 वर्ष पूर्व हिन्दी भाषा के माध्यम से विज्ञान  संचार हेतु की गई थी और वर्ष 1993 में इसकी शाखा जोधपुर में भी खोली गई।  डॉ. ओझा ने जोधपुर शाखा द्वारा विगत 25 वर्षो में किए गए विज्ञान लोकप्रियकरण कार्यों को भी रेखांकित किया। वर्ष 2001 में यूनेस्को द्वारा आरम्भ 'विश्व विज्ञान दिवस' इस वर्ष  ‘‘शांति और विकास’’ विषय पर मनाया जा रहा है। 
इस अवसर पर 'सतर्कता जागरूकता सप्ताह' में डाक विभाग द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में राजेंद्र सिंह भाटी, ओम प्रकाश चांदोरा, सुरभि मित्तल एवं  भाषण प्रतियोगिता हेतु विनय तातेड़, पारसमल सुथार, चतुर्भुज पालीवाल को क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान हेतु पुरस्कृत किया गया। 
कार्यक्रम का संचालन डॉ राकेश श्रीवास्तव और आभार ज्ञापन प्रो. अचलेश्वर बोहरा द्वारा किया गया। सहायक निदेशक इशरा राम, बीआर राठौड़, सीनियर पोस्टमास्टर आर पी कुशवाहा, सहायक अधीक्षक अनिल कौशिक, सुदर्शन सामरिया, विजय सिंह  सहित डाक विभाग के अधिकारीगण,  वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, अभियंता और फिलेटलिस्ट इस अवसर पर मौजूद रहे।

Department of Posts released Special Cover & cancellation on Silver Jubilee year (1993-2017) of Vijnana Parishad Prayag, Jodhpur Centre on International Science day (10th November, 2017). Function was graced by Mr. V. C Roy, Postmaster General and  Mr. Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Rajasthan Western Region, Jodhpur. 




समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ाने की जरुरत-डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव 

Friday, November 10, 2017

अब डाकघर बचत खाते में भी आएगी रसोई गैस सब्सिडी, खाताधारक को आधार नंबर के साथ देना होगा सहमति पत्र

कोर बैंकिंग सेवा से जुड़ने के बाद अब डाकघर बचत खातों में भी रसोई गैस उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी जमा होगी। इसके लिए उपभोक्ता को डाकघर बचत खाते में आधार नंबर अपडेट करवाना अनिवार्य है। खाताधारक को आधार नंबर के साथ एक सहमति पत्र भर कर देना होगा जिससे डाकघर बचत खाते को एलपीजी सब्सिडी हेतु अधिकृत किया जा सके।

इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री क़ृष्ण कुमार यादव ने बताया कि केंद्र सरकार की डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) योजना के तहत रसोई गैस उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी अब डाकघर बचत खातों में भी जमा होगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को डाकघर में खुले अपने बचत खाते को आधार और मोबाइल नंबर से जुड़वाना आवश्यक है जिससे भविष्य में आने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ग्राहकों को मिल सके। मोबाइल नंबर को खातों में जुडवाने से प्रत्येक जमा एवं निकासी की सूचना भी एसएमएस द्वारा उनके मोबाइल पर आ जाएगी।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 31 दिसंबर तक प्रत्येक खाते एवं बचत पत्र को आधार नंबर से लिंक करवाना अनिवार्य है। अपने डाकघर खाते में आधार नंबर अपडेट करवाने हेतु किसी भी सीबीएस डाकघर में जाकर खाताधारक अपना आधार नंबर अपडेट करवा सकते है। श्री यादव ने कहा कि खातों में आधार नंबर अपडेट करवाने हेतु प्रत्येक डाकघर स्तर पर भी विशेष कैंप लगाए जा रहे है और काउंटर के साथ-साथ प्रत्येक डाकघर में इसके लिए ड्रॉप बॉक्स लगाने के भी निर्देश किए गए हैं। ग्राहकों की सुविधा के लिए सभी पोस्टमैन एवं ग्रामीण डाक सेवकों को भी निर्देश दिये गए हैं  कि डाक वितरण के दौरान लोगों को इस संबंध में जागरूक करें और जो खाताधारक डाकघर नहीं आ सकते उनके आधार कार्ड को फोटोप्रति संकलित कर संबंधित डाकघर में जमा कराएं ताकि उनके खातों को भी आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया जा सके।






LPG subsidy will also come in Post office savings account now.
अब डाकघर बचत खाते में भी आएगी रसोई गैस सब्सिडी, खाताधारक को आधार नंबर के साथ देना होगा सहमति पत्र
31 दिसंबर तक प्रत्येक खाते एवं बचत पत्र को आधार नंबर से लिंक करवाना जरुरी -डाक निदेशक केके यादव

Thursday, November 9, 2017

Government of India approved Rs 2,000 crore to set up Aadhaar centres in Post offices

Prime Minister Narendra Modi has approved Rs 2,000 crore specifically for setting up Aadhaar centres in post offices, a move that will see private contractors phased out from the data collection process.

The decision comes in the wake of complaints regarding private vendors on counts such as petty corruption and attempted frauds and the Supreme Court taking note of reports of alleged leakage of UID data.

Aadhaar enrolment and updation facilities will be available in around 15,000 post offices by 31 March, 2018  and this will complement the earlier decision that bank branches will have similar centres by October 31. Around 5,000 post offices will have the facility by December this year.

Though much of the data collection so far has been done by private vendors and Aadhaar procedures ensure that they cannot access the biometrics they record, the government believes the process would be best handled by agencies like post offices and public sector banks.

The centres will have machines approved by the Unique Identification Authority of India and personnel will be trained by the agency as well.

Banks already have 2,000 branches running centres. A total of 15,200 bank branches will have centres with Aadhaar facilities. The decision to sanction Rs 2,000 crore is intended to respond to issues raised by the court and activists and to ensure improved access to Aadhaar enrolment and updation. The post offices and banks will considerably extend the reach of UID, particularly in remote areas where they are often the only permanent presence in terms of government services.

Upholding the linkage of PAN with Aadhaar, the SC had said it was necessary to highlight that a large section of citizens were concerned about possible data leak, even as many supported the government's initiative.