Friday, February 24, 2017

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव के साहित्यिक कृतित्व पर 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' ने जारी किया विशेषांक


लेखन  के क्षेत्र में सक्रिय होकर अपनी प्रतिभा के दम  पर इस विशाल आसमान में अपनी चमक बिखेरने वाले विरले ही मिलते हैं। ऐसी ही एक दो नहीं तीन प्रतिभाएँ एक परिवार से हों और एक-दूसरे से बढ़-चढ़कर, तो  इसे दुर्लभ संयोग कहते हैं। कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक विभाग, उनकी भार्या श्रीमती आकांक्षा यादव एवम लेखन के क्षेत्र में नन्ही कोपल अक्षिता (पाखी) यादव सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता, साहित्य और लेखन क्षेत्र में अपना परचम फहरा रहे हैं। "शेरगढ़ एक्सप्रेस" में इनके प्रयासों, विद्वता और महान योगदान को विद्वानगणों की कलम से इस अंक में प्रकाशित करने का प्रयास किया गया है।  हमारा यह प्रयास महान विभूतियों के आगे काफी छोटा है।  जिसमें इनके प्रयासों के अथाह सागर को सारगर्भित रूप में पाठकों के समक्ष रखा जा रहा है - मनोज जैन, प्रधान संपादक, शेरगढ़ एक्सप्रेस 

प्रशासन और साहित्य के ध्वजवाहक : कृष्ण कुमार यादव 
(लेखक : डॉ. बद्री नारायण तिवारी, संयोजक- राष्ट्रभाषा प्रचार समिति-वर्धा, उत्तर प्रदेश, 
पूर्व अध्यक्ष-उ0प्र0 हिन्दी साहित्य सम्मेलन/संयोजक-मानस संगम,  शिवाला, कानपुर, उत्तर प्रदेश)


                 आँगन की रंगोली से क्षितिज तक : कृष्णाकांक्षा                        
( लेखक : यतीन्द्र नाथ ‘राही‘, रजत विहार, भोपाल (म.प्र.)




युवा पंखों की ऊँची उड़ान : आकांक्षा यादव 
(लेखिका : डॉ. कमल कपूर, अध्यक्षा : नारी अभिव्यक्ति मंच ’पहचान’ फरीदाबाद, हरियाणा)


भारत की सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता  
नन्ही ब्लॉगर अक्षिता यादव (पाखी) 


पत्रिका का नाम : शेरगढ़ एक्सप्रेस (हिंदी मासिक)
प्रधान संपादक : मनोज जैन 
अंक : फरवरी, 2017  (वर्ष -5, अंक -09)
(साहित्य जगत के चमकते सितारे : कृष्ण कुमार यादव, आकांक्षा यादव, अक्षिता पाखी)
पृष्ठ - 32,     मूल्य : रूपये 20 /-
संपर्क : शेरगढ़ एक्सप्रेस कार्यालय, बस स्टैंड, शेरगढ़, जिला-जोधपुर (राजस्थान)-342022 


राजस्थान में जोधपुर से प्रकाशित मासिक हिंदी पत्रिका 'शेरगढ़ एक्सप्रेस' ने फरवरी-2017 अंक 'साहित्य जगत के चमकते सितारे' शीर्षक से हमारे ( कृष्ण कुमार यादव, आकांक्षा यादव, अक्षिता पाखी) व्यक्तित्व - कृतित्व पर केंद्रित कर प्रकाशित किया है। इसके लिए हार्दिक आभार !!


Wednesday, February 22, 2017

अब मिलेंगे ई-डाक मतपत्र, कम समय में होगा मतदान

चुनावों के साथ ही डाक मत पत्र की चर्चा भी आरम्भ हो जाती है।  लोकतांत्रिक निर्वाचन व्यवस्था में यह एक ऐसी प्रणाली है जिसके माध्यम से मतदाता मतदान केन्द्र पर व्यक्तिशः उपस्थित न होते हुए भी अपना वोट डाल पाता है। दुनिया के कई देशों ने इसको लागू कर रखा है। इस व्यवस्था में सामान्यतया मतदाता के अनुरोध पर बैलट पेपर को उसके पास डाक द्वारा भेजा जाता है। ठप्पा लगाने के बाद मतदाता द्वारा फिर उसे वापस भेजना होता है। पहचान के लिए कुछ सत्यापन प्रक्रियाएं भी आवश्यक होती है। भारत में डाक मत पत्र की व्यवस्था केवल सीमित रूप से ही लागू है। यह सबके लिए नहीं है।

हाल ही में लंबे समय से लंबित मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने चुनाव नियमों में संशोधन किया है. इसके बाद सशस्त्र बल कर्मी और डाक मतपत्र के इस्तेमाल के लिए योग्य अन्य मतदाता, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के जरिए डाक मतपत्र प्राप्त कर सकेंगे. जिससे बेशकीमती समय की बचत हो सकेगी.इसका मतलब है कि सशस्त्र बल कर्मी और डाक मतपत्र के लिये अधिकृत अन्य मतदाता अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे गए सादा डाक मतपत्र को डाउनलोड कर सकते हैं. अपनी पसंद को बताकर भरा हुआ मतपत्र अपने संबद्ध निर्वाचन अधिकारियों को भेज सकते हैं.

वस्तुत: यह डाक सेवाओं द्वारा मतपत्र को दोतरफा भेजने की मौजूदा व्यवस्था में अनुभव किए जाने वाले विलंब को कम करने के लिए किया गया है, पर  चुनाव आयोग ने सुरक्षा और गोपनीयता की वजहों से दोतरफा इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन की सिफारिश नहीं की है. इससे  दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले सशस्त्र बल कर्मियों को इससे काफी लाभ होगा. क्योंकि, डाक सेवाओं के जरिए मत पत्रों को दो तरफा भेजने की मौजूदा व्यवस्था सशस्त्र बलों में कार्यरत मतदाताओं की अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हो सकी है.

एक सूत्र ने बताया कि सरकार ने 21 अक्तूबर को अधिसूचना जारी की है, जिसमें चुनाव संचालन नियम, 1961 की नियम संख्या 23 में संशोधन किया गया है. इसके जरिए सशस्त्र बल में काम करने वाले मतदाताओं और अन्य को ई-डाक मतपत्र के जरिए चुनावों में अपना वोट डालने में सक्षम बनाया गया है.यह मुद्दा उच्चतम न्यायालय के समक्ष आया था जहां यह दलील दी गई थी कि सशस्त्र बल कर्मियों और उनके परिजनों के आसानी और प्रभावी तरीके से अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए कारगर तंत्र बनाया जाए. सरकार ने चुनाव आयोग से संपर्क कर इस बारे में बात की थी.

सरकार ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के दौरान सशस्त्र बलों में काम करने वाले मतदाताओं के समक्ष पेश आने वाली कठिनाइयों को कम करने में मदद करने का आग्रह किया था. चुनाव आयोग की तकनीकी टीम ने एक व्यवस्था विकसित की है जिसके जरिए मतदाता को सादा मत पत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जा सकता है.
डाक मतपत्र के हकदार मतदाता यथा सशस्त्र बलों में काम करने वाले मतदाता डाक मतपत्र को डाउनलोड करके और सादा डाक मतपत्र का प्रिंट ले सकते हैं. सादा मतपत्र पर अपना वोट देने के बाद वह जैसे मौजूदा डाक मतपत्र प्रणाली के तहत संबद्ध निर्वाचन पदाधिकारी को डाक से मतपत्र भेजते हैं उसी तरह वह उसे भी भेज सकते हैं.

आयोग ने प्रस्ताव दिया था कि अधिक श्रेणियों के मतदाताओं को ई-डाक मतपत्र प्रणाली के योग्य बनाया जाए. हालांकि, प्रायोगिक आधार पर ई-डाक मतपत्र प्रणाली को सुरक्षा बलों में काम करने वाले मतदाताओं और केंद्र सरकार के सशस्त्र पुलिस बलों, सैन्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत अन्य बलों, राज्य के बाहर काम कर रहे राज्य के सशस्त्र बलों और भारत के बाहर तैनात भारत सरकार के कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया है.

सूत्रों ने कहा कि एकतरफा सादा मतपत्र को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजने से काफी लाभ होगा. मतदान के बाद डाक मतपत्र को निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना की तारीख से पहले या उस दिन तक मिलने में लगने वाले समय को कम किया जा सकेगा.

Wednesday, February 15, 2017

आधुनिकतम तकनीक से जुड़ रही हैं डाक सेवाएं : डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव



डाक विभाग द्वारा पाली मंडल के मारवाड़ जंक्शन प्रधान डाकघर में  11  फरवरी, 2017 को वृहद डाक मेले का आयोजन किया गया। इसमें डाक विभाग द्वारा चलाई जा रही नवीनतम योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। मेले में दूर दराज से आए लोगों ने डाक विभाग की इस पहल को सराहा और तमाम योजनाओं में निवेश सुनिश्चित किया। डाक मेले का शुभारम्भ राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने किया। 
डाक मेले  को सम्बोधित करते हुए  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज भी देश के हर कोने में, हर दरवाजे पर डाक विभाग की पहुँच है और वह लोगों के सुख-दुःख में बराबर रूप से जुड़ा हुआ है। श्री यादव ने कहा कि डाकघरों में हर वर्ग और उम्र के हर पड़ाव के लिए अलग-अलग बचत और बीमा योजनाएँ हैं।  10 साल तक की बालिकाओं के लिए आरम्भ सुकन्या समृद्धि योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बालिकाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा और उनकी उच्च शिक्षा और  विवाह में काफी सुविधा होगी।
श्री यादव ने सुकन्या समृद्धि योजना में पाली मंडल की सराहना करते हुए बांसिया के बाद नोवी (बांकली), राजोला खुर्द ( सोजतरोड) तथा बाड़ा सोलंकिया (नाडोल) को भी सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि गांव घोषित किया। देश में मुख्यधारा से वंचित लोगों व उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में भी डाकघरों द्वारा एक मुख्य व सक्रिय भूमिका के  निर्वहन का उल्लेख किया।
डाक विभाग की नई योजनाओं की चर्चा करते हुए डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  डाक विभाग को पेमेंट बैंक का दर्जा मिलने के बाद इसकी सेवा और पहुँच में और भी इजाफा होगा। पाली  मण्डल के अंतर्गत पाली  प्रधान डाकघर में भी इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की शाखा खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि ई-काॅमर्स को बढ़ावा देने हेतु कैश ऑन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने हेतु नन्यथा मोबाईल एप एवं डाकघरों में कोर इंश्योरेंस, कोर बैंकिंग, एटीएम जैसी तमाम आधुनिक सेवाओं का समावेश हुआ है। उन्होंने कहा कि डाक सेवाएं  नवीनतम टेक्नालॉजी को अपनाते हुए नित्य नए आयाम रच रही हैं।

डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि रूरल इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नालॉजी प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण शाखा डाकघरों को भी हाईटेक किया जायेगा और वहाँ पर  हैण्डहेल्ड डिवाइस  दिया जायेगा। अब पोस्टमैन चलता फिरता एटीएम  इसके लिए पाली में कार्य आरम्भ हो गया है।  इसके तहत  शाखा डाकघरों को सोलर चार्जिंग उपकरणों से जोडने के साथ-साथ मोबाइल थर्मल प्रिन्टर, स्मार्ट कार्ड रीडर, फिंगर प्रिन्ट स्कैनर, डिजिटल कैमरा एवं सिगनेचर व दस्तावेज स्कैनिंग के लिये यन्त्र भी मुहैया कराया जायेगा ताकि ग्रामीण लोगों को इन सुविधाओं के लिये शहरों की तरफ न भागना पडे और घर बैठे ही वे अपना भुगतान प्राप्त कर सकें।

पाली मंडल के डाक अधीक्षक श्री डी. आर. सुथार ने कहा कि डाक विभाग अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए तत्पर है और इस दिशा में लोगों से समय-समय पर संवाद के साथ-साथ विभाग ने अपनी सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया है। श्रीमती आशा सैनी, सरपंच ग्राम पंचायत मारवाड़ जंक्शन ने  इस प्रकार के डाक मेले की सराहना करते हुये  कहा कि ऐसे आयोजनों से जनता में जागरूकता बढ़ती है और लोग तमाम योजनाओं का फायदा उठा पाते हैं। श्री ओमप्रकाश जोशी, प्रधानाचार्य राजकीय उच्च मध्यमिक विद्यालय -मारवाड़ जंक्शन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।


इस अवसर पर लोगों ने तमाम बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि सहित तमाम योजनाओं का फायदा उठाया और नए खाते खोले।  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस अवसर पर तमाम लोगों को मंच पर पासबुकें दे कर उनके सुखी व समृद्ध भविष्य की कामना की। इस अवसर पर  पाली डाक मण्डल में वर्ष 2016-17 में  विभिन्न लक्ष्यों, योजनाओं  की प्राप्ति में उल्लेखनीय योगदान करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम  में श्री तरुण कुमार शर्मा, श्री संग्राम भंसाली, श्री राजेन्द्र सिंह भाटी सहायक अधीक्षक, श्री श्रवण कुमार भाटी, श्री जयदेव यादव, श्रीमती शहनाज खान निरीक्षक डाकघर, डाकपाल पाली श्री जेपाराम सांगर, डाकपाल मारवाड़ जंक्शन श्री भारमल गुर्जर, श्री लक्ष्मणनाथ, श्री एम.एल.सूचक, मण्डल कार्यालय पाली का समस्त स्टाफ, कई उपडाकपाल, डाक सहायक एवं ग्रामीण डाक सेवक एवं प्रबुद्ध नागरिकगण उपस्थित थे।





Sunday, February 12, 2017

रूप रजत विहार, मारवाड़ वार्षिकोत्सव महोत्सव के अवसर पर डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने जारी किया विशेष आवरण

भारतीय डाक विभाग के राजस्थान परिमंडल  ने रूप रजत विहार “कांठा प्रांत का गौरव”, वार्षिकोत्सव महोत्सव के अवसर पर विशेष आवरण व विरूपण जारी किया। राजस्थान पश्चिमी, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  मारवाड़ जंक्शन, पाली में 11 फरवरी, 2017 को आयोजित  एक कार्यक्रम में लोकमान्य संत शेरे राजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री रुपचन्द जी महाराजा साहेब ‘रजत’ की गौरवमयी उपस्थिति में उक्त विशेष आवरण व विरूपण जारी किया। 


इस अवसर पर अपने संबोधन में राजस्थान पश्चिमी, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि भारत वर्ष में ऋषियों-मुनियों की एक लंबी और समृद्ध परंपरा रही है। प्राचीन काल से ही इन लोगों ने अपने विचारों और कर्मों से समाज को नई राह दिखाई। ऐसे ऋषि-मुनि भले ही किसी जाति, धर्म या क्षेत्र विशेष में जन्म लेते हों, पर वक्त के साथ वे इन सबसे ऊपर उठकर पूरे समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्प्द बन जाते हैं। श्री यादव ने कहा कि राजस्थान अपनी शौर्य-गाथाओं के साथ-साथ संत परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। इन संतों ने देश के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कर समाज की रुढ़िवादी मान्यताओं से परे एक प्रगतिशील समाज के निर्माण में भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया। जीवन के यथार्थ से रूबरू होते हुये आध्यात्मिकता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े और जनकल्याण की तमाम गतिविधियों में अपना योगदान दिया। समय-समय पर भारतीय डाक विभाग ने ऐसी तमाम गतिविधियों, उनसे जुड़े विषयों और व्यक्तितवों पर राष्ट्रीय स्तर पर डाक टिकट व प्रथम दिवस आवरण  तो स्थानीय स्तर पर विशेष आवरण जारी करके उनके अवदान को रेखांकित किया है। 
डाक विभाग द्वारा जारी इस विशेष आवरण पर जहाँ रूप रजत विहार के चित्र को प्रदर्शित किया गया है, वहीं इस पर लोकमान्य संत शेरे राजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री रुपचन्द जी महाराजा साहेब ‘रजत’ के चित्र को भी ससम्मान स्थान दिया गया है। इस अवसर पर निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने  श्री रूप मुनि महाराज जी के चित्रों वाली माई-स्टैम्प की शीट भी हवा महल के साथ जारी की। गौरतलब है कि तमाम सम्मानजनक उपाधियों से अलंकृत एवं बहुभाषी पूज्य श्री रूपमुनि जी न सिर्फ बहुआयामी व्यक्तितव के स्वामी हैं, बल्कि आपका कृतित्व भी उतना ही विशाल है। सिर्फ वचनों से ही नहीं, बल्कि कर्मों के धरातल पर भी आपकी तमाम उपलब्धियाँ हैं। जाति-धर्म के बंधनों से परे समाज में सद्भाव कायम करने, शाकाहार की तरफ लोगों को प्रवृत्त करने, मानव मात्र की सेवा के लिए तमाम चिकित्सालयों के निर्माण तो जीवों की सेवा के लिए गौशाला का निर्माण, शिक्षण संस्थानों के निर्माण एवं तमाम बहुपयोगी भवनों के निर्माण में आपकी सदप्रेरणा रही है। गौरतलब  है कि  श्री रूपमुनि जी के गुरु जैन मुनि पूज्य श्री मिश्रीमल जी पर भारतीय डाक विभाग वर्ष 1991 में एक डाक टिकट जारी कर चुका है।

श्री कृष्ण कुमार यादव ने भारतीय डाक विभाग  पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, अपने 162 वर्षों के गौरवशाली सफरनामे में डाक विभाग देश-दुनिया की तमाम महत्वपूर्ण घटनाओं और व्यक्तितवों से रूबरू हुआ है। अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता के तहत डाक विभाग प्रति वर्ष राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विषयों और व्यक्तितवों पर लगभग 50-60 डाक टिकट, प्रथम दिवस आवरण के साथ जारी करता है। ये डाक टिकट वक्त के साथ दस्तावेज में तब्दील हो जाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास, परंपराओं, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। इसी कड़ी में स्थानीय और क्षेत्रीय महत्व के विषयों पर विभिन्न डाक परिमंडल, व्यक्तियों और संस्थाओं के आग्रह पर विशेष आवरण और विरूपण जारी करते हैं। स्थानीय स्तर पर फिलेटली को प्रोत्साहित करने और तमाम महत्वपूर्ण गतिविधियों को रेखांकित करने में इन विशेष आवरणों की अहम भूमिका है।

कार्यक्रम में श्री अमरेश मुनि जी निराला ने डाक विभाग की  को सराहते हुए कहा कि वाट्सएप और सोशल मीडिया  दौर में भी हाथ से लिखे पत्रों और डाक टिकटों पर छपी तस्वीरों का अलग ही स्थान  है। 
पूज्य गुरुदेव श्री रुपचन्द जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में जैन मुनियों पर जारी हुए डाक टिकटों को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे उन्हें एक नई प्रतिष्ठा मिलती है। माई स्टैम्प पर अपनी फोटो देखकर उन्होंने डाक विभाग की इस अनूठी पहल की सराहना की। 

इस अवसर पर राजस्थान पश्चिमी, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव को रूप रजत विहार “कांठा प्रांत का गौरव”, वार्षिकोत्सव महोत्सव के अवसर पर सम्मानित भी किया गया। 


इस अवसर पर डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने लोगों से डाक टिकट संग्रह को एक  अभिरुचि के रूप में अपनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आपमें से कई लोग डाक टिकटों के संग्रह का शौक रखते होंगे तो कई लोग डाक टिकट पर अपनी फोटो देखने की ख्वाहिश भी। डाक विभाग संग्रह का शौक करने वालों के लिए जहाँ मात्र 200/- में फिलेटली डिपोजिट एकाउंट की सुविधा उपलब्ध कराता है, वहीं “माई स्टैम्प” के तहत अब आपकी तस्वीर भी डाक टिकटों पर स्थान पा सकती है। एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है, जिसकी लागत मात्र 300/- निर्धारित है। पाँच रुपए के इन डाक-टिकट, जिस पर आपकी तस्वीर होगी, वह देशभर में कहीं भी पत्रों पर लगाकर भेजी जा सकती है। इस पर सिर्फ जीवित व्यक्तियों की ही तस्वीर लगाई जा सकती है। श्री यादव ने बताया  कि अब डाक विभाग खूशबूदार माई-स्टैम्प की सीरीज भी जारी करने जा रहा है। लाल गुलाबों वाली इस माई स्टैम्प के लिए मात्र 500/- निर्धारित किए गए हैं। 




Release of Postal Special Cover and Cancellation on Roop Rajath Vihar "Kantha Pranth ka gaurav", anniversary celebration ceremony at Marwad Junction, Pali (Rajasthan) by Shri Krishna Kumar Yadav, Director Postal Services, Rajasthan Westen Region, Jodhpur in the gracious presence of Poojya Gurudev Lokmanya Santh Shree Roopchand Ji Maharaj on 11th February, 2017.



रूप रजत विहार “कांठा प्रांत का गौरव”, वार्षिकोत्सव महोत्सव के अवसर पर मारवाड़ जंक्शन, पाली में लोकमान्य संत शेरे राजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री रुपचन्द जी महाराजा साहेब ‘रजत’ की गौरवमयी उपस्थिति में विशेष आवरण व विरूपण जारी करते हुए श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं, राजस्थान पश्चिमी, जोधपुर (11 फरवरी, 2017)

Monday, February 6, 2017

अब खुशबूदार डाक टिकटों पर होगी आपकी फोटो, 500 रूपये में 12 खुशबूदार डाक-टिकटों की शीट



यूँ मेरे खत का जवाब आया, लिफाफे में एक गुलाब आया...... खुशबू भरे खत भेजने और पाने की चाह किसे नहीं होती। डाक विभाग ने चंदन, गुलाब और जूही की खुशबू वाले डाक टिकट पूर्व में जारी कर लोगों की कल्पनाओं को मूर्त रूप भी दिया है। पर अब बारी है, अपनी फोटो वाले डाक टिकट को खुशबुओं से सराबोर करने की। वसंत के रूमानी मौसम में और वेलेंटाइन डे के लिए कुछ सरप्राइज ढूंढ रहे लोगों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग शीघ्र ही गुलाब की खुशबू वाले माई स्टैम्प लांच करने जा रहा है, जिस पर लोग अपनी फोटो  लगा सकते हैं। जर्मनी से विशेष रूप से आयातित इन डाकटिकटों पर यह सुगंध कम से कम 10 साल तक बनी रहेगी। विभाग ने इसके लिए प्री-बुकिंग भी आरम्भ कर दी है।  

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने खुशबूदार माई स्टैम्प के बारे में बताया  कि मात्र 500 रूपये में 12 खुशबूदार डाक-टिकटों की शीट के साथ आपकी तस्वीर होगी। अब आप इसे चाहें अपने परिवारजनों को दें, मित्रों को या फिर अपने किसी करीबी को। चूँकि वेलेंटाइन-डे नजदीक है और हर कोई इसके लिए नायब गिफ्ट ढूंढता है, ऐसे में गुलाब की खुशबू वाले डाक टिकटों के साथ खूबसूरत तस्वीर एक खूबसूरत गिफ्ट भी हो सकता है। डाक निदेशक श्री यादव ने  कहा कि आज की युवा पीढ़ी के बीच सेल्फी का क्रेज खूब बढ़ रहा है, ऐसे में उनकी सेल्फ़ी  भी माई स्टैम्प के तहत  डाक टिकट पर स्थान पा सकती है। जन्मदिन से लेकर विवाह और जीवन की तमाम खुशियों के पलों को माई स्टैम्प पर लाया जा सकता है। 

 निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्री-बुकिंग हेतु प्रधान डाकघर और अन्य चिन्हित डाकघरों  में एक फार्म भरकर उसके साथ अपनी फोटो और 500 रुपये जमा करने होंगे । एक शीट में कुल 12 डाक-टिकटों के साथ फोटो लगाई जा सकती है।  पाँंच रुपए के डाक-टिकट, जिस पर आपकी तस्वीर होगी, वह देशभर में कहीं भी भेजी जा सकती है। इस पर सिर्फ जीवित व्यक्तियों की ही तस्वीर लगाई जा सकती है।